मदन राठौड़ का विपक्ष पर प्रहार: "80% चुनावी वादे किए पूरे, रिफाइनरी पर कांग्रेस ने किया केवल गुमराह"
Madan Rathod Slams the Opposition
Madan Rathod Slams the Opposition: राजस्थान के जालौर में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने चुनाव, किसानों, रिफाइनरी प्रोजेक्ट और संगठन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने जहां चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की भूमिका को स्पष्ट किया, वहीं सरकार की उपलब्धियों और विपक्ष के आरोपों पर भी जवाब दिया।
चुनाव पर बोले- आयोग का अधिकार, भाजपा तैयार
जालौर में प्रेसवार्ता के दौरान मदन राठौड़ ने कहा कि चुनाव कराना पूरी तरह से निर्वाचन आयोग का काम है। आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और जब भी चुनाव की घोषणा करेगा, भाजपा हर समय इसके लिए तैयार है।विज्ञापन
80% से ज्यादा चुनावी वादे पूरे करने का दावा
चुनावी वादों पर बोलते हुए राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार ने 80 प्रतिशत से अधिक घोषणाएं पूरी कर ली हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार जनता से किए वादों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। किसानों के काम के दिनों को लेकर उठे सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने मजदूरों के लिए 125 दिन रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की है। साथ ही बुवाई और कटाई के समय अतिरिक्त छूट दी गई है, ताकि किसानों को पर्याप्त मजदूर मिल सकें।
मूलभूत सुविधाओं पर नहीं होगा समझौता
कार्यकर्ताओं की समस्याओं को लेकर पूछे गए सवाल पर राठौड़ ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की पानी, बिजली या चिकित्सा जैसी मूलभूत मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अगर ऐसी कोई शिकायत सामने आती है, तो वह खुद उसकी समीक्षा करेंगे। रिफाइनरी प्रोजेक्ट को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए राठौड़ ने कहा कि इसकी शुरुआत भाजपा सरकार के समय हुई थी। बाद में कांग्रेस सरकार ने इसमें कोई ठोस काम नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बिना उचित प्रक्रिया के शिलान्यास किया था। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने पुराने एमओयू को संशोधित कर राज्य के हित में बेहतर शर्तों पर समझौता किया है। वर्तमान में रिफाइनरी प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे प्रदेश को हर साल हजारों करोड़ का राजस्व और बड़ी संख्या में रोजगार मिलने की उम्मीद है।
पंचायत पुनर्गठन पर बोले- करेंगे समीक्षा
जालौर जिले में पंचायत समिति पुनर्गठन के मामले पर राठौड़ ने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो वह इसकी समीक्षा करेंगे। पार्टी में बगावत करने वालों की वापसी को लेकर उन्होंने कहा कि भविष्य में इस विषय पर और ज्यादा सतर्कता बरती जाएगी।
संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण के मुद्दे पर राठौड़ ने कहा कि यह एक अलग प्रक्रिया है और सरकार नियमों के अनुसार इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा परिवारवाद की राजनीति में विश्वास नहीं रखती और संगठन में सभी को समान अवसर दिया जाता है।